इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान एआई राउंडटेबल में विश्वास,सुरक्षा और शासन को प्रमुखता दी गई

Ankalan 20/2/2026

नई दिल्ली : इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के पांचवें दिन आयोजित "एजेंटिक एआई" पर गोलमेज सम्मेलन में वैश्विक तकनीकी उद्योग, नीति और कानूनी क्षेत्र के नेताओं को एक साथ लाया गया ताकि एआई में हो रहे एक महत्वपूर्ण बदलाव का विश्लेषण किया जा सके। यह बदलाव मानव निर्णय लेने में सहायता करने वाली प्रणालियों से हटकर उद्यमों में जटिल कार्यों को पूरा करने में सक्षम स्वायत्त टूल/मशीन की ओर बढ़ रहा है। व्यापार और उद्योग तथा नीतिगत परिप्रेक्ष्य पर आधारित दो उच्च-स्तरीय पैनलों में संरचित इस चर्चा में इस बात पर ध्यान केंद्रित किया गया कि यह परिवर्तन किस प्रकार सुरक्षा, जवाबदेही, साइबर सुरक्षा और जनविश्वास को पुनर्परिभाषित कर रहा है, साथ ही साथ उत्पादकता और नवाचार के नए लाभों को भी उजागर कर रहा है।
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,  पहले पैनल ने भुगतान, क्लाउड इन्फ्रास्ट्रक्चर, साइबर सुरक्षा और इंटेलिजेंट प्रोडक्ट डिज़ाइन सहित विभिन्न क्षेत्रों से वास्तविक दुनिया के परिनियोजन परिदृश्यों और जानकारियों को प्रस्तुत किया। वक्ताओं ने बताया कि जैसे-जैसे एआई टूल परस्पर जुड़े वातावरण में काम करना शुरू करते हैं, मूल्य सृजन और जोखिम दोनों का पैमाना और प्रभाव काफी बढ़ जाता है। इससे सत्यापन, डेटा प्रबंधन, सिस्टम सुरक्षा और मानवीय निगरानी को अपनाने के लिए मौलिक आवश्यकता बन जाती है।
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,  संयुक्त राज्य पेटेंट और ट्रेडमार्क कार्यालय (यूएसपीटीओ) के निदेशक ऑस्टिन मेयरोन ने जिम्मेदार नवाचार को सक्षम बनाने में मानकों पर आधारित सहयोग की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने दूरस्थ नियामक के बजाय एक प्रवर्तक के रूप में सरकार की भूमिका पर बल देते हुए कहा कि उनका दृष्टिकोण वास्तविक दुनिया में इस्तेमाल की चुनौतियों से सीधे सीखना होना चाहिए ताकि मानक और दिशानिर्देश उस क्षमता को जिम्मेदारी से उजागर कर सकें।
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,  सिनॉप्सिस इनोवेशन ग्रुप के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और सदस्य पृथ्वी बनर्जी ने डिजिटल एआई से सुरक्षा-महत्वपूर्ण भौतिक प्रणालियों की ओर हो रहे बदलाव की ओर ध्यान दिलाया और कहा कि अब जिम्मेदारी सॉफ्टवेयर-परिभाषित कारों, विमानों और अन्य वास्तविक दुनिया के बुनियादी ढांचे तक भी फैली हुई है। कठोर इंजीनियरिंग सत्यापन पर बल देते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे वातावरण में परिणाम खतरनाक हो सकते हैं, इसलिए इस्तेमाल से पहले 'जिम्मेदार और सुरक्षित एजेंटिक इंजीनियरिंग' आवश्यक है।
,  मास्टरकार्ड की मुख्य गोपनीयता अधिकारी कैरोलिन लूवो ने वित्तीय सेवाओं में स्वायत्त प्रणालियों के विस्तार के लिए विश्वास को आधार बताया। प्रमुख सुरक्षा उपायों को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा, "स्वायत्तता का विस्तार तभी संभव है जब विश्वास हो," इसके लिए टूल की सत्यापित पहचान, डिज़ाइन द्वारा सुरक्षा, उपभोक्ता का स्पष्ट इरादा और पूर्ण पता लगाने की क्षमता आवश्यक है ताकि इसे बड़े पैमाने पर अपनाया जा सके।
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,  नेटऐप के मुख्य उत्पाद अधिकारी श्याम नायर ने परस्पर जुड़े एजेंट इकोसिस्टम में त्रुटियों के बढ़े हुए प्रभाव पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जब एजेंट नेटवर्क पर काम करते हैं तो “गलतियों का दायरा बहुत बढ़ जाता है”। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि मजबूत डेटा प्रबंधन, परिभाषित परिचालन सीमाएं और स्पष्ट जवाबदेही बेहद आवश्यक हैं क्योंकि “टूल/मशीन में सहानुभूति या स्थितिजन्य निर्णय लेने की क्षमता नहीं होती”, इससे जिम्मेदारी उद्यम पर आ जाती है।
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,  दूसरे पैनल डिस्कशन में शासन और विनियामक मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया गया। इसमें अंतरसंचालनीय मानकों, अनुकूली विनियामक मॉडलों, वैश्विक समन्वय और उद्योग के लिए परिचालन स्पष्टता पर बल दिया गया। दोनों चर्चाओं में, प्रतिभागियों ने इस केंद्रीय संदेश पर सहमति व्यक्त की कि जिम्मेदार पैमाने का निर्धारण एजेंटिक सिस्टम की संरचना में शुरू से ही विश्वास, सुरक्षा और मानव-केंद्रित डिजाइन को शामिल करने पर निर्भर करेगा।
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,  एडोबी इंक की सार्वजनिक नीति निदेशक जेनिफर मुलवेनी ने इस बात पर बल दिया कि शासन को मानवीय परिणामों पर आधारित रहना चाहिए, भले ही नीति जटिल तकनीकी प्रणालियों को विनियमित करना शुरू कर दे ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि नवाचार से लोगों को प्राथमिकता देने वाले परिणाम प्राप्त हों।
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,  गूगल इंक की एआई और उभरती प्रौद्योगिकी नीति प्रबंधक एली सखाई ने बहु-टूल अंतःक्रिया के लगातार विकसित हो रहे जोखिमों की ओर इशारा करते हुए कहा कि टूल्स के एक साथ काम करना शुरू करने पर जोखिम का दायरा काफी बदल जाता है। उन्होंने बड़े पैमाने पर इस्तेमाल से पहले मानदंड और मूल्यांकन विधियां विकसित करने के लिए शिक्षा जगत, उद्योग और सरकारों के बीच संयुक्त कार्य की आवश्यकता पर बल दिया।
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,  पालो अल्टो नेटवर्क्स के लोक नीति और सरकारी मामलों के सहायक महाधिवक्ता सैम कपलान ने सुरक्षा को अपनाने के लिए मूलभूत परत के रूप में स्थापित किया, यह देखते हुए कि एजेंटिक एआई जोखिम को 'दो-आयामी' से 'तीन-आयामी' चुनौती में बदल देता है। इसके संभावित वास्तविक दुनिया के परिणाम हो सकते हैं और इस बात पर बल दिया कि मॉडल और टूल्स को सुरक्षित किए बिना, एआई को सुरक्षित रूप से बढ़ाना बहुत मुश्किल है।
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,  सेल्सफोर्स की वैश्विक सार्वजनिक नीति निदेशक डेनियल गिलियम-मूर ने शासन की परिभाषा को विनियमन से आगे बढ़ाते हुए इसमें मानकों, वैश्विक मानदंडों और आंतरिक आश्वासन तंत्रों को शामिल किया। क्षेत्रीय नियामकों और मानक निकायों की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि शासन "विनियमन से कहीं अधिक व्यापक है" और जोखिम प्रबंधन के साथ-साथ इसे अपनाने में सक्षम बनाने के लिए महत्वपूर्ण है।
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,  क्लाउडफ्लेयर की निदेशक और एशिया प्रशांत, जापान और चीन की सार्वजनिक नीति प्रमुख कार्ली रैमसे ने समावेशी एजेंटिक एआई के लिए सुलभता, खुले मानकों और नियामक सामंजस्य को पूर्वापेक्षाएँ बताया। प्रौद्योगिकी की सीमा-पार प्रकृति पर बल देते हुए, उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी सीमाओं पर नहीं रुकती, इसलिए विश्वसनीय वैश्विक स्तर के लिए संगत राष्ट्रीय ढांचे आवश्यक हैं।
,  सर्विसनाउ के ग्लोबल हेड ऑफ गवर्नमेंट अफेयर्स एंड पब्लिक पॉलिसी, कॉम्बिज रिचर्ड अब्दोलराहिमी ने प्रौद्योगिकी के विकास के साथ-साथ उद्योग में परिचालन स्पष्टता की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने अमूर्त सिद्धांतों के बजाय व्यावहारिक कार्यान्वयन उपकरणों की मांग करते हुए कहा कि संगठनों को स्पष्ट मानकों, व्यावहारिक कार्ययोजनाओं और ऐसे मॉडल फ्रेमवर्क की आवश्यकता है जो नवाचार के साथ विकसित हो सकें।
,  यह स्वीकार करते हुए कि ये सिस्टम पहले से ही वास्तविक दुनिया में उपयोग में आ रहे हैं, एजेंटिक एआई को प्रयोग करने और नियंत्रित करने की समानांतर चुनौतियों पर चर्चा करने के लिए इन दो गोलमेज चर्चाओं में उद्योग और नीति के अग्रणी एक साथ जुड़े।
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