प्रधानमंत्री से एक राष्ट्र – एक आरक्षण लागू करने की मांग - संजय राठौड़
नई दिल्ली : महाराष्ट्र सरकार के जल एवं मृदा संरक्षण मंत्री संजय राठौड़ ने कहा कि जिस प्रकार “एक राष्ट्र – एक चुनाव” मॉडल की चर्चा हो रही है, उसी प्रकार “एक राष्ट्र – एक आरक्षण” नीति लागू कर प्रधानमंत्री को बंजारा समाज को न्याय प्रदान करना चाहिए।
,  28 फरवरी को नई दिल्ली स्थित डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित संत श्री सेवालाल जयंती समारोह की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने कहा कि देश में लगभग 14 करोड़ की जनसंख्या वाले बंजारा समुदाय को महाराष्ट्र, राजस्थान और मध्यप्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग, तेलंगाना में अनुसूचित जनजाति तथा कर्नाटक में अनुसूचित जाति के रूप में अलग-अलग मान्यता दी गई है। जबकि पूरे देश में एक ही भाषा और समान सांस्कृतिक परंपरा का पालन करने वाले इस समुदाय को न्याय दिलाने के लिए समान राष्ट्रीय नीति लागू करना अत्यंत आवश्यक है।
,  
,  उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार यदि तत्काल “तांडा विकास निगम” का गठन करे तो अत्यंत पिछड़े वर्ग के लोग जहाँ निवास करते हैं उन तांडों के विकास को नई दिशा और गति मिल सकती है।
,  
,  लंबानी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करना अत्यंत आवश्यक है। इस विषय पर शीघ्र ही मुंबई में विशेषज्ञों की बैठक आयोजित करने का प्रस्ताव है। महाराष्ट्र सरकार ने बंजारा समुदाय को तीन एकड़ भूमि आवंटित की है तथा 8 अप्रैल को “विश्व बंजारा दिवस” के अवसर पर बंजारा भवन के निर्माण के लिए शिलान्यास कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
,  
,  महाराष्ट्र के पौरागढ़ में, जहाँ बंजारा समुदाय का श्रद्धा केंद्र है, वहाँ पाँच बार चुनाव जीतकर जनसमर्थन प्राप्त किया गया है। महाराष्ट्र सरकार द्वारा 720 करोड़ रुपये की अनुदान राशि से बंजारा सांस्कृतिक केंद्र का निर्माण कर प्रधानमंत्री के करकमलों से उसका उद्घाटन किया गया है तथा विभिन्न विकास कार्य प्रारंभ किए गए हैं।
,  मंत्री ने कहा कि समुदाय के समग्र विकास के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना चाहिए।
,