सूचना एवं प्रसारण मंत्री स्मृति ईरानी की चुप्पी पर कांग्रेस ने उठाए सवाल

Ankalan 26/1/2018

देश भर के कई राज्यों में करणी सेना के भारी विरोध और प्रदर्शन के बीच संजय लीला भंसाली की अब तक की सबसे विवादित फिल्म गुरुवार (25 जनवरी) को ‘पद्मावत’ सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। लेकिन राजपूत समाज विशेषकर करणी सेना की ओर से फिल्‍म का हिंसक विरोध प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है। हिंसक प्रदर्शनों के बीच मल्टीप्लेक्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने कहा है कि उसके सदस्य ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर बनी इस फिल्म का प्रदर्शन राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश और गोवा में नहीं करेंगे।
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,  फिल्म का विरोध कर रही करणी सेना ने गुरुवार को देशव्यापी बंद का ऐलान किया है। फिल्म के हिंसक विरोध को देखते हुए सभी मल्टीप्लेक्सों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट से संजय लीला भंसाली की विवादास्पद फिल्म ‘पद्मावत’ को रिलीज करने की हरी झंडी मिलने के बावजूद राजधानी दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, नोएडा और ग्रेटर नोएडा समेत कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन ने हिंसक रुप ले लिया है।
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,  करणी सेना के कार्यकर्ताओं द्वारा अहमदाबाद, जयपुर, उदयपुर, मथुरा, भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, उज्जैन, रतलाम और मुरैना, मुजफ्फरपुर में प्रदर्शन किया जा रहा है। भोपाल में तो प्रदर्शनकारियों ने कई वाहनों में आग लगा दी है। वहीं, गुरुग्राम और नोएडा में स्कूल की छुट्टी कर दी गई है। देश भर में करणी सेना विरोध के नाम पर खुलेआम गुंडागर्दी कर रही है और सिनेमाघर के मालिकों को धमकियां दे रही है, लेकिन राज्य और केंद्र की सरकारें इन गुंडों के आगे नतमस्तक हो गई है।
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,  कांग्रेस ने गुरुवार (25 जनवरी) को ‘पद्मावत’ की स्क्रीनिंग को रोकने के प्रयासों को ‘निंदनीय’ बताते हुए इस पूरे मुद्दे पर सूचना एवं प्रसारण मंत्री स्मृति ईरानी की चुप्पी पर सवाल उठाया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मनीष तिवारी ने ट्वीट कर कहा कि, “‘पद्मावत’ की रिलीज को रोकने के लिए गुंडागर्दी नीचता, निंदनीय और पूरी तरह से घृणास्पद है।” कांग्रेस नेता ने ‘पद्मावत’ के इस पूरे मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की चुप्पी पर सवाल उठाया।
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,  पूर्व सूचना एवं प्रसारण मंत्री ने यह सवाल भी उठाया कि हिंसा सिर्फ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) शासित राज्यों में क्यों हो रही हैं। तिवारी ने कहा कि, “सवाल यह है कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से फिल्म की स्क्रीनिंग को हरी झंडी मिलने के बाद भी मुख्य रूप से बीजेपी शासित राज्यों में ही ऐसा क्यों हो रहा है? क्या ‘पद्मावत’ के परे भी कुछ रचा जा रहा है? सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय सीबीएफसी की मंजूरी को लागू करने के लिए कदम क्यों नहीं उठा रहा?”
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,  कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने स्कूली बच्चों की बस पर किए गए हमले का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि बच्चों के खिलाफ हिंसा को जायज ठहराने के लिये कोई भी कारण बड़ा नहीं हो सकता। राहुल ने ट्वीट कर कहा कि, ‘बच्चों के खिलाफ हिंसा को जायज ठहराने के लिये कोई भी कारण बड़ा नहीं हो सकता। घृणा और हिंसा कमजोरों का हथियार होता है। भाजपा घृणा और हिंसा का उपयोग कर देश में आग लगा रही है।’
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,  वहीं, पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने दावोस में विश्व के निवेशकों को भारत की तरफ आकर्षित करने के प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों को लेकर उन पर हमला बोलते हुए कहा कि जिस दिन प्रधानमंत्री ने विश्व व्यापार को भारत में आमंत्रित किया, उसी दिन अहमदाबाद में भीड़ द्वारा हिंसा की गई। चिदंबरम ने ट्वीट कर कहा कि, “जब प्रधानमंत्री वैश्विक व्यापारियों को भारत में निवेश के लिए आमंत्रित कर रहे थे, उस समय अहमदाबाद में उपद्रवी हिंसा फैला रहे थे।”
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,  इससे पहले कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने गुरूग्राम में स्कूली बस पर हमले को अस्वीकार्य और भर्त्सना योग्य बताया। उन्होंने कहा कि इस हमले के कारण बच्चों एवं यात्रियों की जान खतरे में पड़ गई। उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘हरियाणा में कानून व्यवस्था का फिर दीवाला निकला। गुड़गांव में अराजक तत्वों द्वारा अबोध बच्चों की स्कूल बस पर खौफनाक हमला। रोडवेज़ की बस को किया आग के हवाले। शासन-प्रशासन का कहीं नहीं नामोनिशां। बच्चों व बेक़सूर नागरिकों का क्या कसूर? फिर नाकारा साबित हुई खट्टर सरकार!

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